Sunday, September 9, 2018

VINAYAK KI KUCH ROCHAK BATE : Ajasha

VINAYAK KI KUCH ROCHAK BATE


गणपति सबके चहेते देव है। लड़का हो या लड़की, जवान हो या बुजुर्ग सब ही गणपति से बहुत लगाव रखते है। गणपति की लोकप्रियता बच्चों में देखने मिलती है । हर बच्चा अपने घर या मोहल्ले में गणपति को लाना चाहता है । गणपति भी अपने भक्तों को निराश नही करते।  माना जाता है कि गणपति धन और बुद्धि के देवता है।  इसके साथ साथ उन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है । माना जाता है कि विनायक अपने भक्तों के सभी दुःखो को हर लेते है।
पर ऐसे कई तथ्य है जिनसे उनके भक्त अवगत नही है

तो आइए जानते है आज कुछ रोचक तथ्य हमारे अपने गणपति के बारे में

1. भगवान गणेश को लाल रंग और सिंदूरी रंग बहुत पसंद है

2. भगवान गणेश का वाहन मूषक अर्थात चूहा है । जिसकी सवारी करना विनायक को बहुत पसंद है ।

3. विनायक को लेखन में माहिर माना जाता है । दंत कथाओं की मान्यता के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के कहने पर भगवान गणेश ने एक बार में ही पूरी महाभारत लिख दी थी । जबकि महर्षि वाल्मीकि निरंतर महाभारत का उच्चारण कर रहे थे।  माना जाता है कि भगवान गणेश ने महाभारत को एक बार मे ही लिख दिया था।

4. कैलाश के "गणों" का स्वामी होने के कारण उनका नाम गणपति हो गया।

5. ज्योतिष मान्यता में भगवान गणेश को "केतु का देव" माना जाता है ।

6. भगवान गणेश को हाथी का मुख लगाया गया था इसलिए उनका नाम गजानन पड़ा।

7. भगवान शिव ने विनायक को वरदान दिया था कि हर काम में पहले भगवान गणेश को पूजा जाएगा तभी वो 
काम सफल होगा । इसलिए उन्हें प्रथम पूजनीय कहा जाता है ।

8. हिंदी मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश की दो पत्नियां थी रिद्धि और सिद्धि।  उनके दो पुत्र भी थे शुभ और लाभ।

9. हिंदुस्तान के साथ साथ भगवान गणेश की पूजा नेपाल, यूनाइटेड किंगडम , थाईलैंड, चाइना , और जापान में भी की जाती है।

10. भगवान गणेश के कुल 108 नाम है । जिनमे गणेश, विनायक, गणपति , विघ्नहर्ता प्रमुख है ।

11. हिंदुस्तान को छोड़ भी दिया जाय तो सिर्फ जापान में ही भगवान गणेश के 250 मंदिर है।

12. जापान में kangiten को पूजा जाता है जो देखने मे गणपति जैसे है ।

13. भगवान गणेश की मूर्ति दुनिया के हर आर्ट गैलरी और म्यूजियम में मिलती है ।

14. हिन्दू धर्म को नही मानने वाले भी भगवान गणेश को मानते है। इसका जीता जागता उदाहरण है कि दुनिया के लगभग हर लेखक, कलाकार और बिजनेसमैन के पास भगवान गणेश की मूर्ति पाई जाती है।

15. भगवान गणेश को खाने का बहुत शौक़ है औऱ मोदक उनका सबसे प्रिय व्यंजन है।

तो ये है कुछ रोचक तथ्य तो शायद आप नही जानते हो हमारे विनायक के बारे में।

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Saturday, September 8, 2018

GANPATI KE MAN PASAND 10 VAYANJAN : Ajasha


GANPATI KE MAN PASAND 10 VAYANJAN


गणेश चतुर्थी एक बहुत ही पावन त्योहार माना जाता है। हिंदी मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन ही भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसलिए यह त्योहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।  भगवान गणेश भगवान शिव और माता पार्वती के छोटे पुत्र है।
मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश खाने पीने के बहुत शौकीन है। इसलिए भक्तगण भी उन्हें भिन्न भिन्न प्रकार के व्यंजन परोसते है। 

एक कथा के अनुसार धन के देवता कुबेर को अपने धन पर घमण्ड हो गया था और उन्होंने सारे देवताओ को भोजन पर अपने घर बुलाया उनके घमण्ड को तोड़ने के लिए भगवान गणेश ने ही सारा खाना खा लिया । इस प्रकार कुबेर का घमंड टूटा।


तो आइए जानते है कि भगवान विनायक के पसंदीदा 10 व्यजंन


1. मोदक

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मोदक भगवान गणेश का प्रिय व्यनजन माना जाता है। कहा जाता है कि भगवान गणेश माता पार्वती से मोदक ही खाने में मांगते थे। इसलिए यह व्यंजन भगवान के लिए बहुत प्रिय है। मोदक मुख्य रूप से महाराष्ट्र में बनाया जाता है। यह भिन्न भिन्न प्रकार का होता है।
अंग्रेजी में इसे Dumpling कहा जाता है। इसका बाहरी भाग चावल, गेंहू के आटे या मैदे से बनता है जबकि अंदर के भाग में सूजी और गुड़ का मिश्रण होता है। यह एक मीठा व्यनजन है ।

2. सतुरी या सरणाची पूरी

saturi

यह भगवान गणेश की दूसरी पसंदीदा व्यनजन मानी जाती है। यह एक पूरी है जिसमे मीठे प्रदार्थ भरा जाता है और उसके बाद इसे तेल में तला जाता है। यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र में बनाई जाती है। इसमें सूजी,बेसन, गुड़, और केसर का प्रयोग किया जाता है ।

3. पूरन पोली

puran poli


यह एक रोटी के आकार का व्यनजन है जिसमे कुछ मीठे प्रदार्थ भरे जाते है। यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र में बनती है। इसमें चना दाल , गुड़, आटा, इलायची पाउडर , घी, और पानी का प्रयोग किया जाता है ।
पहले आटे से रोटी बना कर उसमें मीठा मिश्रण भर दिया जाता है। यह भी भगवान गणेश को भोग में बहुत पसन्द है ।

4. सूजी का हलवा

suji ka halwa

यह व्यंजन पूरे भारत में बनाया जाता है। सूजी या रवा का हलवा भी भगवान गणेश को बहुत पसंद है। यह व्यंजन मुख्य रूप से सूजी और घी के साथ अन्य सूखे मेवो को मिला कर बनाया जाता है।

5. श्रीखंड

shreekhand

श्रीखंड भी भगवान गणेश को बहुत पसंद है।  यह व्यंजन मुख्य रूप से गुजरात और महाराष्ट्र में बनाया जाता है। इसे बनाने में दही, चीनी, केसर, और इलायची का प्रयोग किया जाता है। यह व्यंजन आसानी से बन जाता है और ये बहुत स्वादिष्ट होता है ।

6. मोतीचूर का लड्डु

motichur ka laddu

मोतीचूर का लड्डू भी भगवान गणेश को अत्यधिक पसन्द है। आप इसे आसानी से किसी भी दुकान से खरीद सकते है।  यह भगवान गणेश को सबसे अधिक चढ़ाया जाने वाला व्यंजन है । इसे उत्तर भारत में मुख्य रूप से बनाया जाता है।  इस को बनाने में बेसन और शक्कर का प्रयोग होता है ।

7. नारियल चावल

nariyal chawal

नारियल चावल दक्षिण भारत में बनाया जाने वाला एक बहुत ही स्वादिष्ट व्यंजन है । इसको बनाने के लिए चावल को नारियल के दूध में भिगाया जाता है। यह भी एक स्वादिष्ट और भगवान गणेश का पसंदीदा व्यंजन है|

8. खीर

khir

यह एक मीठा पकवान है । इसे पूरे भारत में बनाया जाता है । इसे पायसम या खीर कहा जाता है। इसमें दूध , शक्कर और चावल से बनाया जाता है । इसमें गाय के दूध में चावल को पकाया जाता है । मिठास बढ़ाने के लिए इसमें शक्कर के साथ साथ सूखे मेवे और केसर का प्रयोग किया जाता है ।

9. मेदु वड़ा

medu vada

इसे मेंदू वड़ा या मेदू वड़ा कहा जाता है । यह भी भगवान गणेश को बहुत पसंद है । इसको दालों की मदद से बनाया जाता है। यह एक नमकीन व्यंजन है । इसे मुख्य रूप से दक्षिण भारत में बनाया जाता है ।

10. केले का शिरा

kele ka sheera

इसे केले का शिरा या केले का हलवा भी कहा जाता है । यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र में बनाया जाता है ।
इसमें सूजी केले केसर और शक्कर का प्रयोग होता है । यह व्यंजन भी भगवान गणेश को बहुत पसंद है ।


तो अब आप जानते है वो 10 व्यंजन जो भगवान गणेश को बहुत पसंद है । तो आप भी इन व्यंजनों को बनाये और भगवान गणेश को भोग लगाएं । हम आशा करते है कि भगवान गणेश आपकी हर मनोकामना पूर्ण करें ।

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KYUN MANAI JATI HAI GANESH CHATURTHI :- Ajasha


KYUN MANAI JATI HAI GANESH CHATURTHI?

kyun manai jati hai ganesh chaturthi

गणेश चतुर्थी भारत के साथ साथ विश्व भर में मनाया जाने वाला एक त्योहार है। यह त्योहार पूरे 10 दिनों तक चलता है। इस त्योहार में हांथी के मुख वाले भगवान गणेश के जन्म की खुशी मनाई जाती है ।
यह त्योहार भारत के हर प्रान्त में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

भारत में गणेश चतुर्थी एक प्रमुख त्योहार है क्योंकि ये एक हिन्दू त्योहार है। हिन्दू रीति रिवाजों के अनुसार भगवान गणेश की पूजा करने वाले को बुद्धि एवंम धन की प्रप्ति होती है ।
भगवान गणेश को बहुत से नामो से जाना जाता है। माना जाता है कि भगवान गणेश के कुल 108 अलग अलग नाम है। जिसमे विनायक दामोदर गजानन गजपति गणपति बहुत लोकप्रिय है। भगवान गणेश को कला , बुद्धि व धन का देवता माना जाता है। भगवान गणेश की लोकप्रियता बड़ो के साथ साथ बच्चो में भी बहुत है। बच्चे अपने प्यारे भगवान को घर लेने के लिए उत्सुक रहते है।


तो आइए जानते है ये त्योहार क्यों मनाया जाता है ।


दरअसल गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। गणेश जी के जन्म को ले कर दो कहानियां या दन्त कथाएँ मिलती है,

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पहली दंत कथा के अनुसार माता पार्वती ने स्नान से पहले अपने शरीर के मैल से एक मूर्ति बनाई और उसे द्वार की रक्षा करने का आदेश दिया। कुछ समय पश्चात भगवान शंकर वहां आये , अज्ञानतावश गणेश ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया । इसके कारण भगवान शंकर और गणेश के मध्य एक लड़ाई हुई और अंत में भगवान शंकर ने अपने त्रिशूल से गणेश का सिर काट दिया। जब माता पार्वती को इस बात का ज्ञान हुआ तो उन्होंने भगवान शंकर से गणेश को दोबारा जीवित करने को कहा।  इसके बाद भगवान शंकर ने देवताओ को आदेश दिया कि देवतागण उत्तर दिशा में जाय और जो भी उन्हें सबसे पहला मृत जीव मिले उसका सिर काट कर ले आये। जब देवतागण उत्तर दिशा में गए तो उन्हें एक मृत हाथी का बच्चा मिला और वे उसी का मुख काट कर ले गए। इस प्रकार भगवान गणेश को हाथी का मुख मिला ।


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दूसरी दंत कथा के अनुसार जब धरती पर राक्षसों का आतंक बढ़ गया तब देवताओं ने भगवान शिव व माता पार्वती से विघ्नहर्ता बनने का आग्रह किया । तब भगवान शिव व माता पार्वती ने मिलकर भगवान गणेश की रचना की । जिससे भगवान गणेश विघ्नों का हरण कर सके और धरती को राक्षसों से मुक्त करवाये ।


तो अब आप जानते है कि गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है ।


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